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बुधवार, 2 जून 2010

अहसास : आकांक्षा यादव

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती आकांक्षा यादव जी की कविता 'अहसास'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...

एक अहसास
किसी के साथ का
किसी के प्यार का
अपनेपन का

एक अनकहा विश्वास
जो कराता है अहसास
तुम्हारे साथ का
हर पल, हर क्षण

इस क्षणिक जीवन की
क्षणभंगुरता को झुठलाता
ये अहसास
शब्दों से परे
भावनाओं के आगोश में
प्रतिपल लाता है
तुम्हें नजदीक मेरे

लौकिकता की
सीमा से परे
अलौकिक है
अहसास तुम्हारा !!



(आकांक्षा यादव जी के जीवन-परिचय के लिए क्लिक करें)

26 टिप्‍पणियां:

दिलीप ने कहा…

waah bahut sundar...

संजय भास्‍कर ने कहा…

तारीफ के लिए हर शब्द छोटा है - बेमिशाल प्रस्तुति - आभार.

बेनामी ने कहा…

लौकिकता की
सीमा से परे
अलौकिक है
अहसास तुम्हारा !!
...खूबसूरत भाव लिए हुए कविता..आकांक्षा जी को बधाई.

shikha varshney ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति.

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

badhiya......sundar!!

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

बेहद खूबसूरत भावाभिव्यक्ति..शुभकामनायें.

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

Bahut hi sundar prastuti badhai abhilashaji aur akanshaji ko

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

अले ये तो मेरी ममा की कविता है...है न बढ़िया.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

प्रेम मे सराबोर सुन्दर रचना है!

अरुणेश मिश्र ने कहा…

अनुभव जन्य ।
प्रशंसनीय ।

Shekhar Kumawat ने कहा…

waah bahut sundar.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

वाकई प्यार का अहसास करा गई आकांक्षा जी की ये उत्तम रचना..बधाई.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
KK Yadav ने कहा…

प्यार के अहसास को संजीदगी से जीती खूबसूरत कविता..बधाई.

Shahroz ने कहा…

बहुत खूबसूरती से आकांक्षा जी ने प्रेम के अहसास को शब्दों में बांधा है..जितनी भी तारीफ करें, कम है.

शरद कुमार ने कहा…

लौकिकता की
सीमा से परे
अलौकिक है
अहसास तुम्हारा !!
...अद्भुत ...नि:शब्द !!

raghav ने कहा…

एक अनकहा विश्वास
जो कराता है अहसास
तुम्हारे साथ का
हर पल, हर क्षण
..कहते हैं न कि प्रेम की भाषा मूक होती है. ..सुन्दर भावों से संजोयी गई विलक्षण कविता..शुभकामनायें.

S R Bharti ने कहा…

प्रेम का अहसास...शब्दों में बांध पाना वाकई मुश्किल...भावग्रही रचना रची अपने..हार्दिक बधाई.

editor : guftgu ने कहा…

आकांक्षा जी की कवितायेँ अक्सर पढने का मौका मिलता है. उनकी कविताओं की अपनी अलग ही पहचान है..मुबारकवाद.

मन-मयूर ने कहा…

खूबसूरत अहसास.

Bhanwar Singh ने कहा…

बहुत बढ़िया कविता. आकांक्षा जी को बधाई.

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

वाकई यह ब्लॉग तो इन्द्रधनुष की भांति सतरंगी है. प्रेम की बानी भला किसे नहीं भाती.

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

आकांक्षा जी की कविता तो लाजवाब है. बधाई स्वीकारें.

Unknown ने कहा…

भावुक और दिल को छू लेने वाली रचना लिखी है आपने! सुन्दर प्रस्तुती!

Shyama ने कहा…

खूबसूरत है ये अहसास..ताजगी है भावनाओं में..विलक्षण रचना..

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

बहुत खूब है आपका अहसास।
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