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बुधवार, 2 जून 2010

अहसास : आकांक्षा यादव

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती आकांक्षा यादव जी की कविता 'अहसास'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...

एक अहसास
किसी के साथ का
किसी के प्यार का
अपनेपन का

एक अनकहा विश्वास
जो कराता है अहसास
तुम्हारे साथ का
हर पल, हर क्षण

इस क्षणिक जीवन की
क्षणभंगुरता को झुठलाता
ये अहसास
शब्दों से परे
भावनाओं के आगोश में
प्रतिपल लाता है
तुम्हें नजदीक मेरे

लौकिकता की
सीमा से परे
अलौकिक है
अहसास तुम्हारा !!



(आकांक्षा यादव जी के जीवन-परिचय के लिए क्लिक करें)
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